बलिया, मार्च 8 -- बलिया, हिन्दुस्तान टीम। महिलाओं की तरक्की और उनके सशक्तीकरण के दावों के बीच आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक बार फिर बड़ी बातें होंगी। उनकी उपलब्धियों का बखान कर सभी इतराएंगे लेकिन हालात यह है कि आधी आबादी के लिए हम विशेष शौचालय भी उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। गांव की बात छोड़िए, शहरों की हालत खराब है। नगरपालिका बलिया में कहने को गुलाबी रंग में रंगा एक पिंक शौचालय है लेकिन उसका ताला कभी नहीं खुला। बांसडीह, सहतवार नगर पंचायत में पिंक शौचालय है ही नहीं। जबकि सिकंदरपुर, चितबड़ागांव आदि में स्थापित पिंक शौचालयों का बुरा हाल है।शहर में रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर पर महुआ मोड़ के पास एक पिंक शौचालय का निर्माण कराया गया है। तीन से चार साल पहले बने इस शौचालय को बकायदा गुलाबी रंग में रंगवाकर बड़े अक्षरों में 'पिंक शौचालय' लि...