पटना, अप्रैल 18 -- जदयू की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा है कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक का पारित न हो पाना भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया का अवरोध नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और उनकी राजनीतिक भागीदारी को लेकर गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है। विपक्षी दलों द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक पर असहयोग का रवैया न केवल उनकी नीयत पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि वे महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर कितने प्रतिबद्ध हैं। यह भी पढ़ें- क्यों पारित नहीं हुआ महिला आरक्षण विधेयक यह भी पढ़ें- लोकसभा में भले गिर गया बिल, फिर भी 2029 में लागू हो सकता है महिला आरक्षण; जानें कानूनी विकल्प यह भी पढ़ें- इसकी कीमत चुकानी होगी, हर गांव तक ले जाएंगे सच: संशोधन बिल के गिरने पर पीएम मोद...