विशेष संवाददाता, जून 26 -- उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री वगैरह में आधार कार्ड को सिर्फ पहचान और पते का दस्तावेज माना जाएगा। उस पर दर्ज माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य संबंधों की जानकारी को रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यूपी में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब रजिस्ट्री कार्यालयों में आधार कार्ड को केवल पहचान और पते के प्रमाण के रूप में ही स्वीकार किया जाएगा। आधार कार्ड पर लिखी माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य पारिवारिक संबंधों की जानकारी को कानूनी रूप से रिश्ते का प्रमाण नहीं माना जाएगा। इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। रिश्ते साबित करने के लिए दूसरे कागज देने होंगे। आदेश के अनुसार, जहां भी किसी आवेदन, योजना और विलेख...