कोलकाता, जुलाई 30 -- वोटर आईडी कार्ड, आधार, पैन कार्ड या बैंक अकाउंट का होना भारतीय नागरिकता का पक्का और निर्णायक सबूत नहीं है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में यह बात कही। अदालत ने मुर्शिदाबाद के एक व्यक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए यह अहम टिप्पणी की। इस व्यक्ति को 'बांग्लादेशी' होने के संदेह में डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार की कार्यवाही में दखल देने से इनकार कर दिया है।क्या है पूरा मामला? यह मामला नासिर नाम के एक व्यक्ति का है, जो फिलहाल लालगोला डिटेंशन सेंटर में बंद है। अदालत ने नासिर और उसके चचेरे भाई सुमन मोल्ला को यह साबित करने के कई मौके दिए कि नासिर वंश (जन्म) के आधार पर एक भारतीय नागरिक है। नासिर अपना कोई जन्म प्रमाण पत्र प...