पूर्णिया, दिसम्बर 7 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।टोटो-ऑटो से स्कूली बच्चों के परिवहन पर पिछले साल परिवहन विभाग ने रोक लगा दी थी। इसके पीछे पिछले साल पटना में स्कूली बच्चों से भरे एक ऑटो के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई बच्चों की मौत का हवाला दिया गया था। परिवहन विभाग की सख्ती के बाद पुलिस मुख्यालय भी इस दिशा में सख्त हुआ था। जिससे जिले में ऑटो एवं टोटो से स्कूली बच्चों के परिवहन पर ब्रेक लगा था। परन्तु धीरे- धीरे विभागीय आदेश को फिर से ताख पर रखा जाने लगा। आलम यह है कि स्कूली बच्चों से खचाखच भरी ई- रिक्शा जिला मुख्याालय की सड़कों से रोज गुजरती है। जान जोखिम में डालकर रोज ई- रिक्शा से स्कूली बच्चों के परिवहन पर जिम्मेदारों की चुप्पी बनी हुई है। ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल भेजने एवं फिर वहां से घर वापसी के पीछे किराये की बचत एक प्रमख कारण...