रांची, अप्रैल 25 -- रांची, विशेष संवाददाता। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग में शनिवार को आदि शंकराचार्य जयंती मनाई गई। 'भारत के एकीकरण में आदि शंकराचार्य का अवदान' विषयक कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. आभा झा ने शंकराचार्य के दार्शनिक और सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ने मात्र 32 वर्ष की अल्पायु में अपनी दिग्विजय यात्रा और शास्त्रार्थों के माध्यम से संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोया। संगोष्ठी में सेम-4 के छात्र निखिल ने शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों के आध्यात्मिक व आधुनिक महत्व को समझाया। वहीं, छात्रा सिद्धि और गजेंद्र ने भी उनके जीवन दर्शन पर विचार साझा किए। डॉ. गुड़िया और डॉ. पानो की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम का संचालन त्रिशला कुमारी ने ...