वाराणसी, अक्टूबर 4 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। धर्म-अध्यात्म के साथ बनारसी फक्कड़ मस्ती को सहेजे अनूठे पारंपरिक आयोजन लाटभैरव की अतिप्राचीन रामलीला का रविवार को गणपति, पंचस्वरूपों एवं मुकुट पूजन के साथ शुभारंभ हुआ। संध्याकाल आश्विन कृष्ण नवमी के मान के तहत विशेश्वरगंज स्थित रामलीला स्थल अयोध्या पर विध्नहर्ता की अर्चना की गई। झाल-मंजीरा और मृदंग की थाप गूंजी और रामायणी दल ने 'गाइये गणपति जग वंदन...' के साथ परंपरानुसार मानस के सात दोहों का गायन किया। प्रमुख पंचस्वरूपों का वरण किया गया। नवग्रह, हनुमानजी के मुखौटे, मानस संवाद पोथी एवं रामलीला के दौरान उपयोग में आने वाले साजो सामान सहित रामायणी दल के मृदंग का भी पूजन किया गया। यह भी पढ़ें- Gangapar News: नहवाई की रामलीला आज से 20 तक पुरोहित के रूप में व्यास पं.दयाशंकर त्रिपाठी के आचार्यत्व मे...