चक्रधरपुर, मार्च 14 -- चक्रधरपुर, संवाददाता। चक्रधरपुर के पोटका स्थित आदिवासी मित्र मंडल परिसर में आदिवासी हो समाज का द्वितीय सबसे बड़ा प्रकृति उपासना का पर्व बा: पोरोब हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने प्रकृति के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए नए फल-फूल और प्राकृतिक उपज की पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि बा: पोरोब के बाद ही समाज के लोग नए फल और फसलों का सेवन करते हैं, इससे पहले उनका उपयोग करना अशुभ माना जाता है। समारोह में शहर और आसपास के क्षेत्रों से हो समाज के लोग बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। आदिवासी मित्र मंडल के देशाउली स्थल पर दियुरी बहादुर सुरीन, दियुरी एरा, सुकु बोदरा और मजनू बोदरा ने विधि-विधान से बा: पोरोब बोंगा बुरु की पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहा...