चाईबासा, मार्च 23 -- चाईबासा। आदिवासी सेंगल अभियान ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि देश की लगभग 15 करोड़ आदिवासी संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत जाति की मान्यता अर्थात शेड्यूल ट्राइब्स का दर्जा प्राप्त है पर अब तक अनुच्छेद 23 के तहत धर्म की मान्यता सारना धर्म कोड हासिल नहीं हो सका, जबकि यह आदिवासी समाज का एक मौलिक अधिकार है। सेगल अभियान जुड़े नेताओं ने कहा है कि कहा है कि 2021 से 27 जनगणना का वर्ष है और आदिवासी समाज अब तक अपने मौलिक अधिकारों से वंचित है। ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकांश आदिवासी समाज प्रकृति पूजा करें और इसी में विश्वास रखते हैं। इस पूजा पद्धति एवं संस्कृति को सरना धर्म में स्वीकार किया गया है।
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