रांची, अप्रैल 9 -- खूंटी, संवाददाता। निशा उरांव के नेतृत्व में पारंपरिक उल्गुलान और सामाजिक डीलिस्टिंग आंदोलन के तहत बुधवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपे जाने के विरोध में आदिवासी संगठनों ने गुरुवार की शाम भगत सिंह चौक के पास निशा उरांव के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इसके पूर्व गुरुवार की सुबह जीउरी गांव में विशेष ग्राम सभा बुलाई गई और निशा उरांव द्वारा दिए बयान की निंदा की गई। ग्रामसभा में ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने निशा उरांव के बयान का कड़ा विरोध करते हुए इसे भ्रामक, अपमानजनक और गांव की ऐतिहासिक गरिमा के खिलाफ बताया। विशेष ग्रामसभा की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान बिनसाय मुंडू ने कहा कि जीउरी गांव एक बकाश्त मुंडारी खूंटकट्टी गांव है, जिसकी ऐतिहासिक पहचान को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान समाज ...