धनबाद, अप्रैल 17 -- धनबाद स्वास्थ्य विभाग में एक मामला गुरुवार को चर्चा में बना रहा। गरीब आदिवासी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगा है। नवोदय और एकलव्य विद्यालय में नामांकन के लिए जरूरी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे बच्चों और उनके परिजनों ने सिविल सर्जन कार्यालय में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि सर्टिफिकेट बनाने के नाम पर उनसे 1500 रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई आदिवासी बच्चे पिछले पांच दिनों से सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका मेडिकल टेस्ट भी नहीं किया गया है, जबकि 20 अप्रैल तक इन बच्चों को नवोदय और एकलव्य विद्यालय में नामांकन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य है। यह भी पढ़ें- बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए करें आवेदन ऐसे में देरी स...