आदिवासी परिषद ने वन अधिकार प्रमाणपत्र वापस लेने की मांग की
नई दिल्ली, जुलाई 21 -- लिटिल निकोबार और ग्रेट निकोबार की आदिवासी परिषद ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को एक पत्र लिखकर उस प्रमाणपत्र को वापस लेने की मांग की, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर सभी वन अधिकारों के निपटारे की पुष्टि करता है। निकोबार जिले के उपायुक्त द्वारा 18 अगस्त 2022 को जारी किए गए इस वन अधिकार मान्यता प्रमाणपत्र ने ग्रेट निकोबार परियोजना के लिए पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिलने का मार्ग प्रशस्त किया था।कुल 81,000 करोड़ रुपये की यह बड़ी अवसंरचना परियोजना 166 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मैं फैली हुई है। इसमें एक ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह, एक समेकित टाउनशिप, एक नागरिक और सैन्य हवाई अड्डा और 450 एमवीए (मेगावोल्ट एम्पीयर) का गैस और सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र का निर्माण शामिल है।पत्र में कहा गया कि जब वन अधिकार अधिनियम के तहत हमें मिले...
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