रांची, मार्च 14 -- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायकों और सांसदों को जमीन आवंटन का मुद्दा शुक्रवार को भी चर्चा में रहा। सदन में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि आदिवासी परिवारों को दी गई जमीन पर विधायक और सांसदों के घर नहीं बनाए जाएंगे। सरकार दो महीने के भीतर विवाद-मुक्त वैकल्पिक जमीन तलाशेगी। मंत्री की बात पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपा कर स्वागत किया। मंत्री ने सदन को बताया कि विधायकों और सांसदों के आवास निर्माण के लिए झारखंड विधायक एवं सांसद गृह निर्माण स्वावलम्बी सरकारी समिति लिमिटेड की ओर से 28 जून 2016 को राजस्व विभाग से जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद कांके अंचल के मौजा चुटू (थाना संख्या-164) में खाता संख्या-118, प्लॉट संख्या-115 की लगभग 35 एकड़ गैरमजरुआ मालिक परती कदिम भूमि हस्ता...