रांची, अगस्त 11 -- रांची। बगईचा (नामकुम) में मंगलवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासियों के संरक्षण और संवर्धन विषय पर खुली चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षामंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि सरना आदिवासियों को जनगणना में अलग कोड नहीं देकर हाशिए पर रखा जा रहा है। वहीं, दयामनी बारला, जसिंता केरकेट्टा और अन्य वक्ताओं ने आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन और सांस्कृतिक पहचान पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई। इस मौके पर पूर्व न्यायाधीश रत्नाकर भेंगरा, ज्यां द्रेज और प्रफुल्ल लिंडा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...