बोकारो, मार्च 13 -- बेरमो, प्रतिनिधि। फुसरो-जैनामोड़ मुख्य मार्ग में पिछरी के पिपराटांड़ स्थित जेहरा स्थल में सरहुल (बाहा) पूर्व धूमधाम से मनाया गया। विधि-विधान से पूजा के बाद पारंपरिक गीत-नृत्य ने समा बांध दिया। प्रसाद वितरण भी किया गया। काफी संख्या में महिला-पुरुष व बच्चे-बुजुर्ग पहुंचे थे। अतिथि के तौर पर पहुंची आदिवासी नेत्री निशा भगत ने कहा कि आदिवासियों की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है। ऐसे में हमें आदिवासी होने पर गर्व महसूस करना चाहिए। एक साथ मिलकर अपनी आस्था व संस्कृति को इसी तरह आगे लेकर चलते जाना है। आगे कहा कि एक समाज आज डहरे करम व टुसू परब कर आदिवासी बनना चाहता है। परंतु मैं उनसे कह देना चाहती हूं कि आदिवासी बना नहीं जाता बल्कि आदिवासी बनने के लिए पैदा होना पड़ता है। आदिवासी नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा ने कहा कि आ...