साहिबगंज, जनवरी 30 -- राजमहल, प्रतिनिधि। पवित्र उत्तर वाहिनी गंगा तट पर आयोजित होने वाला राजकीय माघी मेला संताल आदिवासियों के लिए महाकुंभ है। मेले में झारखंड,बिहार,पश्चिम बंगाल,उड़ीसा,असम आदि से हजारों की संख्या में आदिवासी श्रद्धालु पूजा अर्चना व गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। मेले में विभिन्न राज्यों से आदिवासी गुरु बाबा भी पहुंचते हैं। गंगा तट पर कई दिन पहले से गुरु बाबाओं का अखाड़ा सज जाता है। अखाड़े में पूजा अर्चना के लिए आदिवासी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसबार मेला 31 जनवरी से शुरू हो रहा है। हालांकि सरकारी राजकीय मेला का विधिवत उद्घाटन एक फरवरी को होगा। उधर, मेले में लगने वाले गुरु बाबाओं का अखाड़ा अद्भुत नजारा पेश करता है। यह मेला आदिवासी व गैर आदिवासियों की सांझी संस्कृति की अद्भुत मिसाइल है। राजकीय माघी पूर्णिमा मेले में खास...