जमशेदपुर, जून 5 -- जमशेदपुर,गुलाब सिंह । विलुप्त हो रही सबर आदिम जनजाति (पीवीटीजी) के लोगों की औसत आयु 40 से 45 वर्ष ही है। अत्यधिक शराब पीने, बाल विवाह, साफ-सफाई का अभाव घटती आबादी की मुख्य वजह मानी जा रही है। टीबी और मलेरिया बीमारी से भी इनकी मौत होती रही है। अभी भी सामान्य घरों में रहना और सामान्य खान-पान इन्हें पसंद नहीं है।

आदिम जनजाति की समस्याएं जनजातीय मंत्रालय की ओर से पूर्वी सिंहभूम में कराये गये गहन सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस जनजाति में आठ से नौ प्रतिशत ही साक्षरता है। यही वजह है कि केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही सभी योजनाओं के बारे में भी अधिकांश सबरों को जानकारी नहीं है। सर्वेक्षण से यह पता चला है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में ही सबर रहते हैं, जो पीवीटीजी की श्रेणी में आते हैं।...