गुड़गांव, अगस्त 9 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। तीन से छह साल की उम्र बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करने का सबसे अहम समय माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब गुरुग्राम में सरकारी स्कूल को आदर्श बाल वाटिका के रूप में विकसित करने की तैयारी है। आदर्श बाल वाटिका के लिए जिले में ऐसे स्कूल का चयन किया जाएगा, जहां बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने की पर्याप्त संभावना हो। चयन की प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति के माध्यम से की जाएगी। इसके बाद चुने गए स्कूल में बालवाटिका को छोटे बच्चों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा। बच्चों को केवल किताब-कॉपी तक सीमित रखने के बजाय खेल, गतिविधियों और अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। इसके लिए जिले को समग्र शिक्षा के तहत पांच लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी.

सीखने के लिए बनेगा अलग माहौल: ब...