हजारीबाग, फरवरी 27 -- हजारीबाग, वरीय संवाददाता। हजारीबाग की पावन धरा पर अष्टान्हिका महापर्व के अवसर पर आयोजित आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का चौथा दिन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। बाल ब्रह्मचारी पंडित मनोज भैया (ललितपुर) के सान्निध्य में संपूर्ण वातावरण धर्ममय और भक्तिमय बना रहा। प्रातःकाल अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पंडित मनोज भैया जी ने अपने प्रेरणा दायी प्रवचनों में सिद्धचक्र की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और साधना के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। चौथे दिवस के विशेष अवसर पर 64 ऋद्धि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित श्रीजी ने बताया कि यह विधान आत्मा की शुद्धि, उन्नति और मोक्ष मार्ग की प्रेरणा देता है। हमारे नगर गौरव संत शिरोमणि...