आत्मावलोकन से जीवन की दिशा स्पष्ट होती है: शांतनु
गाजीपुर, अप्रैल 14 -- सैदपुर, हिन्दुस्तान संवाद। नगर के बूढ़ेनाथ महादेव मंदिर के पास आयोजित सात दिवसीय श्रीरामकथा महोत्सव के पंचम दिवस पर अयोध्या कांड का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचक आचार्य शांतनु महाराज ने सस्वर चौपाइयों के साथ कथा का शुभारंभ करते हुए भगवान श्रीराम के जनकपुर से अयोध्या आगमन का प्रसंग विस्तार से सुनाया। उन्होंने बताया कि उस समय अयोध्या में समृद्धि और सुख-शांति का वातावरण था। महाराज ने राजा दशरथ के शीशा देखने के प्रसंग की व्याख्या करते हुए आत्मचिंतन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को समय-समय पर आत्मावलोकन करना चाहिए, जिससे जीवन की दिशा स्पष्ट होती है। जैसे ही दशरथ को अपने श्वेत केश दिखाई दिए, उन्होंने राज्य श्रीराम को सौंपने का निर्णय लिया। कथा के दौरान मंथरा और कैकेयी प्रसंग पर विशेष जोर देते हुए आचार्य ने कुस...
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