नई दिल्ली, मई 3 -- विगत दो महीने में चार विद्यार्थियों की आत्महत्या के बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया गया है। आईआईटी, खड़गपुर में भी गत एक महीने में दो छात्रों और पिछले डेढ़ वर्ष में नौ छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या मंथन करने को विवश करती है कि आखिर ऐसा हो क्यों रहा है? राष्ट्र की कुल जनसंख्या के लगभग 10.6 प्रतिशत लोग मानसिक समस्याओं से पीड़ित हैं। इनमें भी 18 से 29 वर्ष की आयु के आठ प्रतिशत युवा गंभीर मानसिक रोगों से घिरे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, यानी एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में घटित खुदकुशी की कुल घटनाओं में लगभग 7.6 प्रतिशत मामले छात्रों के होते हैं। आत्महत्या के लिए कहीं-न-कहीं पूरा समाज दोषी है। कभी दादा-दादी, नाना-नानी बच्चों को संवेदनात्मक खुराक उपलब्ध कर...