गुड़गांव, अगस्त 29 -- गुरुग्राम,गौरव चौधरी। पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में नामजद आरोपी पत्नी रितु को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वर्षा जैन की अदालत ने मामले की गंभीरता और मृतक द्वारा आत्महत्या से पूर्व बनाए गए वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए रितु की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दिया। अदालत ने यह फैसला 27 अगस्त 2026 को सुनाया। मामले की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को हुई, जब जीआरपी थाना गुरुग्राम में मृतक विक्रम कुमार के भाई रोहित कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में मृतक की पत्नी रितु और उसके सह-आरोपी प्रिंस जाट उर्फ विपिन पर विक्रम को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया। विक्रम और रितु की शादी तीन मई 2015 को हुई थी और उनके दो बच्चे हैं。 यह भी पढ़ें- आत्महत्या को विवश के आरोपी ...