पीलीभीत, जनवरी 11 -- पीलीभीत। संवाददाता प्रताड़ना से तंग आकर विवाहिता के आत्महत्या करने का आरोप सिद्ध न होने पर सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार (चतुर्थ) ने आरोपी पति पत्नी को बरी कर दिया। झूठे साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया। अभियोजन के मुताबिक थाना गजरौला कलां के ग्राम बिठौराकलां निवासी रविशंकर पुत्र दोदराम ने 10 सितम्बर 2014 को थाना गजरौला कलां में तहरीर देकर बताया कि उसके घर के पास उसका भाई मदनलाल व भाभी रुकमणी देवी का घर है। दोनों मिलकर उसकी पत्नी चंदा देवी को ताने देते हैं। कुछ दिन पहले दोनों ने मिलकर रुकमणी के साथ मारपीट की थी। उसका मुकदमा दर्ज करवाया था। 10 सितम्बर 2024 को आरोपियों ने रुकमणी के साथ फिर गाली गलौज की। आरोप लगाया कि तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर व...