गया, मार्च 31 -- मात्र पाठ्यक्रम में परिवर्तन एवं पाठ्यपुस्तकों का परिवर्तन राष्ट्र शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त नहीं है। बल्कि धरातल पर भारत की प्रकृति एवं संस्कृति से जुड़ने का सशक्त एवं सक्षम प्रयास एनईपी का एक आवश्यक अंग है। इसी को कार्यरूप देने के लिए विश्वविद्यालय ने पश्चिमी संस्कृति के विकृतियों से निपटने के लिए आत्मनिर्भर कैंपस को विकसित करने का संकल्प लिया है जिसके अंतर्गत कृषि एवं पशुधन पर आधारित व्यावहारिक पठन - पाठन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में गोवंश के साथ आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ जन्मदिन मनाने का शुभारंभ किया गया है। उल्लेखनीय है दीप प्रज्वलन जीवंतता एवं अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाने का सूचक है। उक्त वक्तव्य दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो. कामेश्...