बागेश्वर, मई 31 -- बागेश्वर, संवाददाता। पहाड़ में सीमित कृषि संसाधनों, जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और रोजगार के सीमित अवसरों के बीच मशरूम उत्पादन युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बागेश्वर में 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 25 युवा और महिलाएं आधुनिक व जैविक तरीके से मशरूम उत्पादन की तकनीक सीख रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बटन, मिल्की और ऑयस्टर मशरूम के उत्पादन की विधियां सिखाई जा रही हैं। साथ ही मशरूम की खेती के लिए आवश्यक तापमान, नमी, बीज चयन, खाद प्रबंधन, रखरखाव, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन संबंधी जानकारी भी दी जा रही ...