हरिद्वार, मार्च 9 -- प्रेमनगर आश्रम के हॉल में आयोजित 1008 भक्तामर महामंडल बीजाक्षर विधान (विश्व शांति महायज्ञ) के अंतर्गत सोमवार को आर्यिका 105 पूर्णमति माता के सानिध्य में उनके गुरुदेव 108 आचार्य समयसागर महाराज का 46वां दीक्षा समारोह मनाया गया। समारोह में जैन श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। भक्तामर विधान में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विश्व शांति की कामना करते हुए धार्मिक अनुष्ठान किए। आर्यिका पूर्णमति माता ने कहा कि मनुष्य के जीवन में दुष्कर्म अंधकार लाते हैं, जबकि सत्कर्म जीवन को प्रकाशमय बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मचिंतन, संयम और सत्कर्म से ही आत्मकल्याण संभव है। संध्याकालीन सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। इसमें बच्चों और युवाओं ने नृत्य प्रस्तुत कर मन मोह लिया। इस अवसर पर अर्चना जैन,...