आठ लाख की योजना दो साल से अधूरी, पानी को भटक रहे ग्रामीण
सराईकेला, मई 29 -- राजनगर। प्रचंड गर्मी और पेयजल संकट के बीच सरकार की महत्वाकांक्षी जल योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे राजनगर प्रखंड में पूरी तरह हवा-हवाई साबित हो रही है। ऐसा ही एक बड़ा मामला राजनगर प्रखंड के डुमरडीहा पंचायत क्षेत्र के खास छेलकनी टोला-3 से सामने आया है, जहां लाखों की लागत से बनी जलमीनार आज केवल शोभा की वस्तु बन कर रह गई है। दो साल बाद भी नहीं मिला पानी
जल जीवन मिशन की शुरुआत 2023 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत इस योजना की शुरुआत की गई थी। लगभग 8 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से सोलर आधारित ग्रामीण लघु जलापूर्ति योजना के तहत जलमीनार का निर्माण कराया गया था। योजना के तहत पाइप लाइन बिछाकर टोला के 22 परिवारों क...
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