बागेश्वर, जनवरी 20 -- आठ दिवसीय उत्तरायणी मेले का मंगलवार को समापन हो गया है। मुख्य अतिथि विधायक पार्वती दास ने कहा कि बागेश्वर के उत्तरायणी मेले पहचान पूरे भारत में है। यह एक ऐसा मेला है जहां संस्कृति, व्यापार व राजनीति एक साथ देखने को मिलती है। कुली बेगार जेसी कुप्रथा का अंत भी इसी बगड़ से हुआ था। नए गीत, झोड़ा, चांचरी और छपेली भी इसी मेले में बनते हैं। नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने में मेलों का विशेष महत्व है। नुमाईशखेत रंगमंच पर आयोजित पुस्कार वितरण समारोह में विधायक दास ने कहा कि इस बार के मेले में स्थानीय कलाकारों के अलावा स्कूली बच्चों को बेहतरीन मंच मिला है। पुलिस व प्रशासन ने भी मेला संपन्न कराने में विशेष सहयोग दिया। नगर पालिका ने मेलार्थिययों के लिए बेहतरीन सुविधा दी थी। लोगों ने शांतिपूर्वक मेले का आनंद लिया। दर्जा मंत्री शिव...