वाराणसी, अगस्त 9 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस बीएचयू में दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के डॉक्टरों ने महज आठ घंटे में ट्यूमर के मरीज को नई जिंदगी दे दी। उन्होंने माइक्रोवैस्कुलर तकनीक के जरिये उसके पैर की हड्डी (फिबुला बोन) से उसका जबड़ा ही बदल दिया। मेडिकल साइंस में उनकी यह बड़ी उपलब्धि है। लखीमपुर खीरी का 35 वर्षीय युवक पिछले सात साल से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर (दांत और जबड़े की बीमारी) से पीड़ित था। उसने कई जगह इलाज कराया। उसे कोई फायदा नहीं हुआ। बीमारी से उसके चेहरे की बनावट असमान होने लगी थी। इससे उसे असहजता होने लगी। लोगों की सलाह पर उसने आईएमएस बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (ओएमएफएस) इकाई में प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की ओपीडी में पहुंचा।

चिकित्सा परीक्षण मेडिकल परीक्षण में उसके चेहरे पर ...