भभुआ, जनवरी 22 -- बढ़ती लागत और नियमों की उलझन से जूझ रहे हैं छोटे आटा चक्की व्यवसायी सरकारी सहयोग और व्यावहारिक नीतियों की मांग, उपभोक्ता भी हो रहे प्रभावित (बोले भभुआ) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में वर्षों से आमलोगों की जरूरतें पूरी करनेवाला आटा चक्की उद्योग आज समस्याओं से घिरा हुआ है। मुहल्लों और बाजारों में छोटी-छोटी आटा चक्कियां न सिर्फ स्थानीय लोगों को ताजा आटा उपलब्ध कराती हैं, बल्कि कई परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख साधन हैं। लेकिन, बढ़ती महंगाई, कच्चे माल की लागत और प्रशासनिक औपचारिकताओं ने इन चक्की संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आटा चक्की संचालकों का कहना है कि वह बिजली और जेनरेटर के सहारे अपना कारोबार करते हैं। डीजल महंगा होने की वजह से गेहूं की पिसाई दर बढ़ जाती है। बिजली से आटा चक्की चलाने पर बिल ज्...