लखनऊ, जुलाई 21 -- 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। इसी दिन को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर राजधानी लखनऊ का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि बीते कुछ वर्षों में शहर देश के सबसे बड़े तिरंगा निर्माण और वितरण केंद्रों में शामिल हो गया है। हर घर तिरंगा अभियान के बाद लखनऊ में तिरंगों की मांग और कारोबार में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले अकेले लखनऊ से करीब 22 लाख तिरंगों की बिक्री दर्ज की गई थी। यह भी पढ़ें- चलते-चलते - क्या आप जानते हैं हर घर तिरंगा अभियान के बाद झण्डों की बिक्री में कई गुना इजाफा दर्ज किया गया। इस अभियान के तहत झण्डा कारीगरों की कमी भी पड़ने लग गई थी। कारोबारियों के अनुसार अधिकांश झंडों की कटिंग...