बलिया, मई 16 -- बलिया, संवाददाता। मलमास (अधिक मास या पुरुषोत्तम मास) 17 मई से शुरू होगा जो 15 जून तक चलेगा। अर्थात हिंदी का ज्येष्ठ महीना 30 की जगह 60 दिनों का होगा और पुरुषोत्तम मास बनने का मौका ज्येष्ठ मास को 27वें वर्ष में बेहद संयोग के साथ मिल रहा है। एक महीने तक चलने वाला यह समय मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं होता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य वर्जित रहेगा। चूकि इस महीने के स्वामी स्वयं भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से पुकारा जाता है।फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में भले ही शादी, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा, जप, तप और दान-पुण्य करने से अनंत गुना फल की प्...