सहारनपुर, जुलाई 24 -- आषाढ शुक्ल पक्ष की एकादशी से चार महीने के पवित्र चातुर्मास का आरंभ माना जाता है। इस वर्ष चातुर्मास का प्रारंभ 25 जुलाई, शनिवार से होगा। इसके साथ ही विवाह सहित विभिन्न मांगलिक कार्यों पर 118 दिनों के लिए रोक लग जाएगी। 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के बाद एक बार फिर मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने के कारण विवाह, गृह प्रवेश सहित कई मांगलिक कार्यों को इस दौरान वर्जित माना जाता है। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ ही मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय शुरू हो जाता है। चातुर्मास की अवधि को पूजा-पाठ,...