नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- Budh Gochar 3 November: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध गोचर महत्वपूर्ण घटना मानी गई है। बुध अपने नक्षत्र में परिवर्तन करते हुए आज यानी 3 नवंबर 2026 को राहु के स्वाति नक्षत्र में आ गए हैं। इस नक्षत्र में बुध 25 नवंबर 2026 तक रहेंगे। इसके पहले बुध ने स्वाति नक्षत्र में गोचर 1 अक्टूबर 2026 को किया था। फिर 12 अक्टूबर 2026 को विशाखा नक्षत्र में आए थे। अब करीब एक महीने बाद फिर से राहु के नक्षत्र में वापसी की है। बुध को संवाद, तर्क, व्यापार, शिक्षा और वाणी का कारक माना जाता है। जबकि राहु आकस्मिक घटनाओं या भ्रम का कारक है। स्वाति नक्षत्र में गोचर करने से बुध राहु से प्रभावित रहेंगे। राहु के प्रभाव के कारण कुछ राशियों को जहां सावधानी बरतनी होगी, वहीं कुछ राशि वाले अपने जीवन में आकस्मिक सकारात्मक बदलाव देखेंगे। जानें बुध का स्...