नई दिल्ली, जुलाई 31 -- बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन शनिवार को रवींद्र सदन में धार्मिक कट्टरता के विरोध में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक रूप से शामिल होंगी। यहां वह कविता पाठ भी करेंगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रसिद्ध लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय के भी शामिल होने की उम्मीद है। करीब 19 साल बाद कोलकाता लौटीं तस्लीमा का कार्यक्रम साहित्य पर केंद्रित है, लेकिन पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के कुछ महीनों बाद हो रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन तस्लीमा के धार्मिक कट्टरता के खिलाफ लंबे संघर्ष का सम्मान करने और अभिव्यक्ति की आजादी के सिद्धांत को मजबूत करने के लिए है। यह भी पढ़ें- तसलीमा नसरीन की हो गई कोलकाता वापसी, 19 साल बाद लौटीं; आगे क्या प्लान यह भी पढ़ें- कोलकाता 19 साल बा...