मधुबनी, मई 15 -- मधुबनी,हिन्दुस्तान टीम। ज्येष्ठ अमावस्या, शनि जयंती, शनिश्चरी अमावस्या और वट सावित्री व्रत एक साथ 16 मई को पड़ रहा है। जो दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और शनि देव की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। वट सावित्री पूजा विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए बरगद के पेड़ की पूजा और उपवास करती हैं। इस दिन बरगद वृक्ष में रक्षा सूत बांधती है और बांस से बने पंखे का पूजा में उपयोग करती है। यह भी पढ़ें- वट सावित्री पूजा आज, भद्रकाली में उमड़ेगी सुहागिनों की भीड़ वट सावित्री पूजा का शुभ समय स्टेशन चौक स्थित हनुमान मंदिर क़े पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि वट सावित्री पूजा के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 07:12 बजे से 08:24 बजे तक है। शनि देव की पूजा के लिए शाम का समय 07:05 से 08:23 बजे तक शुभ माना गया है। यह दिन अखंड ...