लखीमपुरखीरी, अप्रैल 18 -- रविवार को प्रदोषकाल में भगवान परशुराम महाराज का जन्मोत्सव विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया का पुण्य पर्व उदयकालीन तिथि के अनुसार सोमवार को मनाया जाएगा। देवकली तीर्थ के श्रीमती चन्द्र कला आश्रम एवं संस्कृति विधा पीठ के महंत प्रमोद जी महराज का कहना है कि अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और पुण्य फलदायी पर्व माना गया है। वैशाख शुक्ल तृतीया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराण और महाभारत जैसे ग्रंथों में वर्णित है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म अक्षय यानी कभी नष्ट न होने वाले फल प्रदान करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि सतयुग और त्रेतायुग के आरंभ से भी जुड़ी मानी जाती है। यह भी पढ़ें- आज शुभ संयोग के बीच मनाया जाएगा अक्षय तृतीया पर्व महाभारत युद्ध का...
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