अलीगढ़, मार्च 2 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। पुराने शहर में आज यानि सोमवार को जमकर रंग बरसेगा। शहर के बाजारों में टेसू के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंग से होली खेली जाएगाी। ऐसे में अगर आपको रंग से परहेज हैं तो संभलकर निकलें। अलीगढ़ की होली, ब्रज की होली की परंपराओं को आत्मसात कर, सामाजिक सौहार्द्र और रंगों की एकता का प्रतीक बनी हुई है। चाहे फाग गीत हों, गुलाल उड़ाते लोग हों या पकवानों की मिठास, अलीगढ़ की होली हर किसी के लिए खास होती है। बाजारों में होली खेलने के लिए टेसू, चोबा, अगरू, अरगजा और कुमकुमा जैसे प्राकृतिक फूलों से रंग तैयार किए जाते हैं। उसके बाद इससे होली खेली जाती है। व्यापारी वर्ग हर साल टेसू के फूलों की होली खेलते हैं, जो पूरे ब्रज क्षेत्र में सबसे अलग हैं। यूं तो मथुरा में होने वाली होली सबसे मशहूर है, लेकिन अलीगढ़ में खेली ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.