देहरादून, अप्रैल 30 -- कालिका मंदिर में चल रही श्री भक्तमाल कथा के पांचवें और अंतिम दिन कथा विश्राम दिवस पर कथा व्यास रसिक कपिल बावरा ने मीराबाई का चरित्र चित्रण करते हुए कहा कि आज के युग में मीरा जैसे ही भक्तों की जरुरत है। मीरा बाई ने बताया कि भक्त को किस प्रकार अपने आराध्य के सम्मुख खुद को अभिव्यक्त करना चाहिए। अपने सनातन धर्म के लिए हर एक व्यक्ति को योगदान देना चाहिए। कथा समापन पर मंदिर समिति ने कथा व्यास रसिक कपिल बाबा का टीकाकर व्यास पूजन किया व उनकी विदाई की। कथा व्यास ने भी मंच से समिति के सभी सदस्यों की सेवा की सराहना की। यह भी पढ़ें- हिन्दू सनातन धर्म में नर नारायण सेवा का विशेष महत्व:रसिक कपिल बावरा कथा विश्राम दिवस पर प्रश्नोत्तरी भी की गई। जिसमें कथा से संबंधित प्रश्न उत्तर हुए। भक्त मंडली ने भजन वाह वाह वे मौज फकीरा दी.., जब...
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