नई दिल्ली, जनवरी 11 -- makar sankranti 2026: हिंदू धर्मग्रंथों में समुद्र मंथन की कथा बेहद प्रसिद्ध है। इसी मंथन से अमृत निकला था, जिससे देवता अमर हुए, और विष निकला जिसे भगवान शिव ने ग्रहण किया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि समुद्र मंथन के लिए जिस मंदार पर्वत का उपयोग किया गया था, वह आज भी धरती पर मौजूद है। यह रहस्यमयी पर्वत बिहार के बांका जिले में स्थित है और आज भी आस्था, चमत्कार और पौराणिक साक्ष्यों का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यही मंदार पर्वत भगवान विष्णु का विश्राम स्थल भी रहा है और यहीं देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था।भागलपुर से 50 किमी दूर पौराणिक धरोहर भागलपुर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित यह पर्वत करीब 800 फीट ऊंची ग्रेनाइट की पहाड़ी है। दूर से देखने पर यह पहाड़ी जितनी मनोरम लगती है, उतनी ही रहस्यमयी भी ...
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