आजादी के दीवाने राजाराम ने साढ़े चार साल काटी जेल
गौरीगंज, अगस्त 13 -- अमेठी। अमेठी के रायदैयपुर गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम शुक्ला ने देश की आजादी के लिए साढ़े चार साल तक जेल काटी थी। गांव निवसी दातादीन शुक्ला के पुत्र राजाराम अंग्रेजी सेना छोड़ आजाद हिन्द फौज में शामिल हुए और फिर उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। बताते हैं कि अंग्रेजी सेना राजाराम के नाम से कांप उठती थी। आज भी लोग उनकी बहादुरी के चर्चे करते हैं। 28 वर्ष की उम्र में राजाराम सन 1940 में अंग्रेजी सेना में भर्ती हुए। वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के चलते 1941 में उन्हें सिंगापुर भेजा गया। वहीं उनकी मुलाकात नेताजी सुभाष चंद्र बोस से हुई। नेताजी का ''तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा'' का ओजस्वी भाषण सुनकर राजाराम का खून खौल उठा। उन्होंने उसी दिन अंग्रेजी सेना की नौकरी त्याग दी और ...
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