बांका, अगस्त 15 -- बेलहर(बांका), निज प्रतिनिधि। आजादी की लड़ाई का बेलहर से गहरा रिश्ता रहा है। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन जब अपने चरम पर था तब बेलहर में आजादी की लड़ाई के जुनूनी क्रांतिकारी लड़ाकों जोश सर चढ़कर बोल रहा था। बेलहर में भी भारत माता के सपूतों ने अंग्रेजों का थाना जलाने का क्रांतिकारी साहस दिखाया था। वह दिन भी देश के आजादी की लड़ाई के इतिहास के सतह बेलहर का नाम स्वर्ण अक्षरों से जोड़ दिया था। क्योंकि थाना जलाने के दौरान ही फिरंगियों के बंदूकों से निकली गोलियों ने भारत माता के तीन सपूत आद्या सिंह, यमुना सिंह और गुदर सिंह का सीना छलनी कर दिया था। अंग्रेजों से लड़ते हुए तीनों भाई बेलहर की धरती पर हंसते हंसते और भारत माता की जय का रट लगाए हुए शहीद हो गए थे। तीनों शहीद भाई बेलहर प्रखंड क्षेत्र के बनगामा चूहटिया गांव के रहने वाले थे...