चंदौली, अप्रैल 4 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। दान, त्याग, पराक्रम, उदारता और विद्या से सुसंपन्न जिनके हृदय में रघुवीर विराजमान होते हैं, वही सच्चे अर्थों में महावीर कहलाते हैं। यह बातें काशी से पधारे कथावाचक मारुति किंकर जी ने गुरुवार को इलिया कस्बा में मां काली सेवा समिति की ओर से आयोजित नव दिवसीय श्रीराम कथा के प्रथम दिवस पर श्रोताओं को श्रीराम कथा श्रवण कराते हुए कही।उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस में दो विरोधी विचारधाराएं स्पष्ट रूप से देखने को मिलती हैं। एक ओर भगवान श्रीराम का आदर्श, मर्यादित और धर्मपरायण चरित्र है, वहीं दूसरी ओर रावण का अहंकार और अविद्या से युक्त जीवन है। भगवान श्रीराम के जीवन में जहां विद्या, मर्यादा और धर्म का पालन है, वहीं रावण के जीवन में अधर्म, अहंकार और अज्ञान का वास दिखाई देता है। मारुति किंकर ने हनुमानजी के...