नई दिल्ली, सितम्बर 27 -- नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती खपत, प्रोत्साहन योजनाओं के जरिये सरकारी समर्थन और वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला में आए बदलाव से घरेलू चिप विनिर्माण परिवेश के लिए मजबूत अवसर तैयार हुए हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के प्रबंध निदेशक एवं भागीदार अंकुश वढेरा ने यह बात कही है। एआई सुरक्षा पर जारी बहस के संबंध में उन्होंने कहा कि जिम्मेदार एआई विकास को लेकर हालिया चर्चाएं चीजों को नियंत्रण में रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र की मांग धीमी होने की कोई वजह नहीं है। एआई का उछाल जीपीयू, कंप्यूटिंग क्षमता और मेमोरी की मांग को आगे बढ़ाता रहेगा। उनका मानना है कि सेमीकंडक्टर और एआई का यह आपसी जुड़ाव और मजबूत होगा।

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