बिजनौर, सितम्बर 18 -- जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने जानकारी देते बताया कि प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व, निर्वाचन में उपयोग की जाने वाली ईवीएम और वीवीपीएटी की जाँच एवं परीक्षण, संबंधित निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा, जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में किया जाता है। केवल प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में उत्तीर्ण ईवीएम और वीवीपीएटी ही निर्वाचन में उपयोग की जाती हैं। एफएलसी की विस्तृत प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन संबंधी नियमावली में उल्लिखित है, जो भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। डीएम ने बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 में उपयोग की जाने ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जाँच, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा17 सितंबर 2026 से एफएलसी की समा...