बागपत, सितम्बर 13 -- बड़ौत। अजितनाथ सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का रविवार को समापन हुआ। संगोष्ठी में विभिन्न स्थानों से आए विद्वानों ने आगम अनुयोग के विभिन्न विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। चार सत्रों में आयोजित संगोष्ठी में आगम के सिद्धांतों, शास्त्रीय स्वरूप, आध्यात्मिक दृष्टिकोण और जीवनोपयोगी पक्षों पर चर्चा हुई। इस दौरान आचार्य आर्ज वसागर द्वारा रचित आगम अनुयोग, आर्जव सूक्तियां, आर्जवसागर के दोहे और जीवन संस्कार कृतियों का विमोचन किया गया। आचार्य ने कहा कि आगम का अध्ययन तभी सार्थक है, जब उसके मर्म को समझकर जीवन में उतारा जाए। उन्होंने आगम साहित्य पर निरंतर अध्ययन और शोध की आवश्यकता बताई। समापन पर अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी की ओर से विद्वानों का सम्मान किया गया। आर्जव प्रभावना संघ के सचिव इंजीनियर रोहित जैन दमोह ...