नई दिल्ली, मार्च 2 -- भारत में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर चर्चा खूब होती है। हालांकि, क्या वाकई लोग पेट्रोल-डीजल छोड़कर बिजली से चलने वाली गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं? अगर ताजा आंकड़ों को देखें तो जवाब थोड़ा चिंताजनक है। भारत का इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) मिशन फिलहाल 'स्लो लेन' में फंसा हुआ नजर आ रहा है। सरकार ने सपना देखा था कि साल 2030 तक सड़कों पर चलने वाली हर 10 में से 3 गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। जबकि मौजूदा रफ्तार को देखकर एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि यह लक्ष्य हासिल करना फिलहाल 'नामुमकिन' जैसा है। आइए जानते हैं मौजूदा समय में भी ईवी खरीदने से कतराने वाले ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता को विस्तार से। यह भी पढ़ें- 7-सीटर खरीदने वालों की पहली पसंद बनी ये कार, बीते महीने 17,807 घरों की बनी शानक्या कहते हैं बिक्री के आंकड़े आंकड़ों की बात करें तो 2...
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