समस्तीपुर, मार्च 27 -- पूसा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि के वैज्ञानिकों की टीम ने आईवीएफ तकनीक से साहीवाल गाय से बाछी पैदा की है। इसके साथ ही यह ऐतिहासिक सफलता पाने वाला पूर्वी भारत का पहला संस्थान बन गया है। नई सफलता देश की दुग्ध उत्पादन रणनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में वैज्ञानिकों ने चार साहीवाल बाछी को जन्म दिलाने में सफलता पाई है। जिसमें 3 देशी नस्ल संवर्धन के उत्कृष्टता केन्द्र, पिपराकोठी में एवं एक मोतीहारी के चकिया स्थित गौशाला में हुआ है। इस तकनीक से देसी नस्लों के विकास गति काफी तेज होने की संभावना है। क्या कहते हैं कुलपतिविवि के कुलपति डॉ.पीएस पाण्डेय ने बताया कि पिछले कुछ दशकों से दुध उत्पादन के लिए किसान विदेशी नस्लों पर ही निर्भर हैं। लेकिन विदेशी नस्लों की गाय में कई समस्या...