कानपुर, जुलाई 25 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। संतान न होने पर अक्सर सवाल महिलाओं पर उठते है, लेकिन अब चिकित्सा विज्ञान इस धारणा को बदल रहा है। आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) के हर दूसरे मामले में पुरुष फैक्टर अहम कारण बन रहा है। यानी समस्या सिर्फ महिलाओं में नहीं, बल्कि पुरुषों की घटती प्रजनन क्षमता भी बड़ी वजह बन रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पुरुषों में स्पर्म काउंट, स्पर्म की गति और गुणवत्ता से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है और कई दंपतियों को आईवीएफ जैसी तकनीक का सहारा लेना पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती जीवनशैली है। लगातार तनाव, मोटापा, धूम्रपान, शराब, जंक फूड, व्यायाम की कमी, देर रात तक जागना, मधुमेह, हार्मोनल गड़बड़ी और बढ़ती उम्र पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्...