नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में संशोधन के मसौदे पर लोगों के विरोध के बीच, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को मध्यस्थों और नागरिक समाज समूहों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना। विभाग के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि मंत्रालय खुले दिमाग से काम करता है और सभी सुझावों पर विचार करेगा।कृष्णन ने संकेत दिया कि सरकार प्रस्तावित सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने की 14 अप्रैल की समय सीमा बढ़ा सकती है और किसी भी बदलाव को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग और संबंधित पक्षों के विचारों पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रतिक्रियाओं में अधिक समय देने के अनुरोध से लेकर मसौदा संशोधनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग तक शामिल हैं। यह विरोध केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगि...